Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    झारखंड में ‘SIR’ की तैयारी, BLO की हर घर पर होगी दस्तक

    March 13, 2026

    झारखंड: LPG की किल्लत के साथ दूध-दही के साथ प्लास्टिक उत्पाद भी हुए महंगे, कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप

    March 13, 2026

    अब झारखंड में लगेगा टूरिस्ट टैक्स, होटलों में ठहरना होगा महंगा; कैबिनेट से मिली मंजूरी

    March 13, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»Breaking News»बसंत पंचमी के अमृत स्नान से मिलते हैं ये 5 लाभ, सात पीढ़ियों तक की हो जाती है शुद्धि
    Breaking News

    बसंत पंचमी के अमृत स्नान से मिलते हैं ये 5 लाभ, सात पीढ़ियों तक की हो जाती है शुद्धि

    AdminBy AdminFebruary 3, 2025No Comments2 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    Basant Panchami Amrit Snan: महाकुंभ का अंतिम और तीसरा अमृत स्नान आज बसंत पंचमी के दिन हो रहा है। इस दौरान करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ संगम स्नान के लिए दिखाई दे रही है। सुबह 4 बजे से यह अमृत स्नान चल रहा है। बताया जा रहा कि अब तक 1.65 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगा ली है। महानिर्वाणी अखाड़े की साधु-संतों ने इस अमृत स्नान में भी सबसे पहले स्नान किया है। इसके बाद अन्य अखाड़े स्नान कर रहे हैं। माना जाता है कि बसंत पंचमी के अमृत स्नान से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि बसंत पंचमी के अमृत स्नान से कौन-कौन से 5 लाभ जातक को मिलते हैं।

    मोक्ष

    हर वर्ष माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है, लेकिन इस बार यह महाकुंभ के साथ मनाई जा रही है, ऐसे में मान्यता है कि इस दिन अमृत स्नान करने से जातक को मृत्यु पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    7 पीढ़ियों की शुद्धि

    महाकुंभ का यह तीसरा और आखिरी अमृत स्नान है, ऐसे में जो भी जातक इस दिन गंगा स्नान कर सकेंगे उनके अलावा, उनकी 7 पीढ़ियों तक की शुद्धि हो जाती है।

    पितरों की आत्मा तृप्त और आत्मिक शांति

    इस दिन अमृत स्नान का महत्व माना गया है। माना जाता है कि इसी दिन सरस्वती मां का अवतरण हुआ था। ऐसे में प्रयागराज के संगम तट पर अदृश्य सरस्वती नदी स्वरूप में स्वयं विराजमान हैं। माना जाता है कि यहां स्नान करने से जातक के पितरों की आत्मा तृप्त और आत्मिक शांति मिलती है।

    निरोगी शरीर

    साथ ही जातक के शरीर को आरोग्य की भी प्राप्ति होती है। माना गया है कि कोई रोग उसके पास भी नहीं भटकता है।

    ऊर्जा का संचार

    इसके अलावा, अमृत स्नान से जातक के शरीर में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। कोयलांचल संवाद एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Admin

    Related Posts

    झारखंड में ‘SIR’ की तैयारी, BLO की हर घर पर होगी दस्तक

    March 13, 2026

    झारखंड: LPG की किल्लत के साथ दूध-दही के साथ प्लास्टिक उत्पाद भी हुए महंगे, कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप

    March 13, 2026

    अब झारखंड में लगेगा टूरिस्ट टैक्स, होटलों में ठहरना होगा महंगा; कैबिनेट से मिली मंजूरी

    March 13, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • झारखंड में ‘SIR’ की तैयारी, BLO की हर घर पर होगी दस्तक
    • झारखंड: LPG की किल्लत के साथ दूध-दही के साथ प्लास्टिक उत्पाद भी हुए महंगे, कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप
    • अब झारखंड में लगेगा टूरिस्ट टैक्स, होटलों में ठहरना होगा महंगा; कैबिनेट से मिली मंजूरी
    • झारखंड के किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की मांग, विधानसभा में बोलीं कल्पना सोरेन
    • स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा ऐलान, झारखंड में बनेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज
    • झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 18 जिलों के 87 वांटेड अपराधियों की लिस्ट जारी
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.