सुनो गौर से दुनिया वालों बुरी नजर न हम पर डालो… चाहे जितना जोर लगा लो, सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी… ये लाइन आज एक बार फिर सच साबित हुई. भारत ने रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत लिया. हरारे स्पोर्ट्स ग्राउंड पर इंग्लैंड को 100 रन से हराते हुए आयुष म्हात्रे की टीम ने फाइनल अपने नाम किया. टीम इंडिया के अगले पोस्टर ब्वॉय वैभव सूर्यवंशी ने इस खिताबी मुकाबले में सिर्फ 80 गेंद में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और साबित कर दिया कि भारत का फ्यूचर सुरक्षित हाथों में हैं. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट खोकर 411 रन बनाए थे. जवाब में इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन बनाकर ऑलआउट हो गई.
भारत के अंडर-19 वर्ल्ड कप विनिंग कप्तान
- मोहम्मद कैफ, साल 2000
- विराट कोहली, साल 2008
- उनमुक्त चंद, साल 2012
- पृथ्वी शॉ, साल 2018
- यश ढुल, साल 2022
- आयुष म्हात्रे, साल 2026
वैभव सूर्यवंशी 175 रन बनाकर रहे फाइनल के हीरो
पूरे वर्ल्ड कप भर वैभव सूर्यवंशी का बल्ला शांत ही रहा था. वह अपने टैलेंट के हिसाब से रन नहीं बना पा रहे थे, जो टीम और फैंस के लिए चिंता का सबब भी थी, लेकिन सेमीफाइनल में फिफ्टी ठोकने के बाद फाइनल में उन्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास हुआ और वैभव ने 15 चौके-15 छक्के की मदद से 80 गेंद में 175 रन कूट दिए. इस खब्बू विस्फोटक बैटर ने अंडर-19 विश्व कप के इतिहास की शायद सबसे प्रभावशाली पारी खेली. यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है. सेमीफाइनल में उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ तेजतर्रार 68 रन बनाए थे. इस तरह वह 439 रन बनाकर टूर्नामेंट के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे

