लौहनगरी जमशेदपुर का सोनारी इलाका सोमवार की सुबह एक खौफनाक मंजर का गवाह बना। स्वर्णरेखा नदी के शांत पानी में एक अज्ञात पुरुष का शव तैरता हुआ पाए जाने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। नदी किनारे टहलने निकले स्थानीय लोगों ने जब पानी में उपलाता हुआ शव देखा, तो देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला।
नदी किनारे मिला शव: पहचान अब भी एक पहेली
सोमवार की अलसुबह जब सूरज की पहली किरणें स्वर्णरेखा नदी पर पड़ीं, तब स्थानीय निवासियों की नजर पानी में फंसी एक लाश पर गई।
- अज्ञात मृतक: पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, मृतक की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच है। शव काफी समय से पानी में होने के कारण फूल गया था, जिससे तत्काल पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
- पुलिस की कार्रवाई: सोनारी थाना प्रभारी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया गया है। वर्तमान में शव को एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज के शीत गृह (Morgue) में रखा गया है, जहाँ पोस्टमार्टम के जरिए मौत की असली वजह का पता लगाया जाएगा।
- गुमशुदगी के मामलों से मिलान: जमशेदपुर के सभी थानों (साकची, बिष्टुपुर, मानगो) को मृतक का हुलिया भेज दिया गया है ताकि हाल के दिनों में दर्ज हुई गुमशुदगी की रिपोर्ट से इसका मिलान किया जा सके।
स्वर्णरेखा नदी और जमशेदपुर का इतिहास: जीवन और मृत्यु का संगम
जमशेदपुर की जीवनरेखा कही जाने वाली स्वर्णरेखा नदी का इतिहास सदियों पुराना है। 1900 के दशक में जब जमशेदजी टाटा ने साकची (अब जमशेदपुर) को चुना था, तब इस नदी की उपलब्धता ही सबसे बड़ा कारण थी। लेकिन समय के साथ, यह नदी कई रहस्यों और दुखद घटनाओं की गवाह भी बनी है।

