रांची: पशुपालन घोटाले के पांचवें और अंतिम मामले में भी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दोषी करार दिये गये हैं. इनके साथ 74 अन्य लोग भी दोषी करार पाये गये हैं. वहीं, इस मामले में 24 आरोपी को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया है. दोषी करार दिये जाने के बाद लालू यादव अब जेल भेजे गये. करीब 10 महीने पर लालू यादव जेल गये हैं. इस मामले में कुल 99 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई. रांची के डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में सोमवार (15 फरवरी, 2022) को सुनवाई हुई.
होटवार जेल से रांची रिम्स भेजे गए लालू यादव
उधर, शाम करीब साढ़े चार बजे लालू यादव होटवार जेल से सीधे रांची रिम्स भेज दिए गए हैं। डाक्टरों की एक टीम ने जेल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जांच की। इसके बाद जेल प्रशासन ने बिना देर किए राजद सुप्रीमो लालू यादव को इलाज के लिए रांची रिम्स भेज दिया। वहां पहले से ही उनके लिए कमरा नंबर ए-11 बुक कर दिया गया था। लालू यादव अब यहीं पर अपनी रात गुजारेंगे। उनके कमरे में डबल बेड का प्रबंध किया गया है। उनके आने से पूर्व ही अस्पताल की ठीक तरह से सफाई कराई गई।
30 अप्रैल, 2021 को जेल से निकले थे बाहर
बता दें कि चारा घोटाले के अन्य मामलों में दोषी पाये जाने पर लालू यादव रांची के होटवार जेल में थे. हालांकि, स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर रिम्स और एम्स में इलाजरत थे. इसी दौरान गत 17 अप्रैल, 2021 को झारखंड हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी. इसी के आधार पर लालू यादव गत 30 अप्रैल, 2021 को जेल से बाहर निकले थे.
अदालत ने दोषी करार अभियुक्तों को जेल भेजा
डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले आरसी 47ए/96 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत 75 अभियुक्तों को सीबीआइ की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने मामले में ट्रायल फेस रहे 6 महिला समेत 24 अभियुक्तों को साक्षय के अभाव में बरी कर दिया। मामले में कुल 99 अभियुक्त वर्तमान में मुकदमे का सामना कर रहे थे। अदालत ने दोषी करार अभियुक्तों को जेल भेज दिया है। साथ उनलोगों की सजा के बिन्दु पर सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तारीख निर्धारित की है। बता दें कि लालू प्रसाद को इससे पूर्व चारा घोटाले के चार मामलों में सजा हो चुकी है। पांंचवें एवं अंतिम मामले में भी दोषी पाए गए हैं। इससे पूर्व सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने अदालत से अभियुक्तों को कठोर से कठोर सजा देने की बात कही। कहा कि अभियुक्तोंं के खिलाफ पर्याप्त एवं ठोस साक्ष्य मिले हैं। वहीं बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि मेरे मुवक्किलों के खिलाफ कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं है। साथ ही उम्र को देखते हुए फैसला सुनाने का अनुरोध किया। मामले में सुनवाई के दौरान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र समेत 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है। दो अभियुक्तों ने निर्णय पूर्व ही दोष स्वीकार कर लिया है। जबकि कि छह आरोपियों को सीबीआइ दबोच नहीं पाई है। 8 आरोपी को सीबीआइ ने वादामाफ गवाह बनाया था। सीबीआइ ने कुल 170 पर आरोप पत्र दाखिल की थी। जबकि 148 आरोपियों के खिलाफ 26 सितंबर 2005 में आरोप तय किया गया था।
लालू यादव को 21 को सुनाई जाएगी सजा
लालू यादव को 21 फरवरी को सीबीआइ कोर्ट की ओर से आनलाइन सजा सुनाई जाएगी। वहीं अन्य ऐसे अभियुक्तों को भी कोर्ट ने आनलाइन सजा सुनाने की बात कही है। देखना यह होगा कि लालू यादव को कितने दिनों की सजा होती है।

