Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    रजरप्पा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मारपीट मामले में कार्रवाई, 4 जैप जवान और 1 होमगार्ड निलंबित

    March 9, 2026

    झारखंड पुलिस को स्मार्टफोन का तोहफा! अनुसंधानकर्ताओं के लिए नई सुविधा जारी

    March 9, 2026

    झारखंड पुलिस का बड़ा एक्शन: 200 कुख्यात अपराधियों पर इनाम, कानून-व्यवस्था में कड़ा सुधार!

    March 9, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»बिहार»जातिगत जनगणना को लेकर नीतीश के साथ 10 दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात
    बिहार

    जातिगत जनगणना को लेकर नीतीश के साथ 10 दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात

    Koylanchal SamvadBy Koylanchal SamvadAugust 23, 2021Updated:August 24, 2021No Comments3 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    बिहार में जातिगत जनगणना की मांग पीएमओ तक पहुँच गयी है. जातिगत जनगणना को लेकर बिहार के 10 राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंगलवार को दिल्ली में मुलाकात की.

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद एकसाथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. नीतीश ने कहा कि हमने बिहार की जातियों के संबंध में प्रधानमंत्री को जानकारी दी है, उन्होंने हमारी बातों को ध्यान से सुना. प्रधानमंत्री ने जातिगत जनगणना की मांग को नकारा नहीं है.

    वहीं तेजस्वी बोले कि जब पेड़-पौधों की गिनती हो सकती है तो जातियों की क्यों नहीं, ये राष्ट्रहित में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मुलाकात के बाद सकारात्मक परिणाम की आशा व्यक्त की है. खास बात यह है कि बिहार के प्रतिनिधिमंडल में भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि भी शामिल हैं.

    केंद्र सरकार कर चुकी है जातीय जनगणना की मांग को नामंजूर

    केंद्र सरकार जातीय जनगणना की मांग को पूर्व में अस्वीकृत कर चुकी है, लेकिन बिहार में सत्ताधारी राष्ट्री्य जनतांत्रिक गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी जनता दल यूनाइटेड ,हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा एवं विकासशील इन्सान पार्टी जातीय जनगणना के समर्थन में हैं. इस मुद्दे पर एनडीए के ये घटक दल विपक्ष के साथ खड़े हैं.

    यूं कहें कि बिहार में जातीय जनगणना की मांग को लेकर बीजेपी को  छोड़ सत्ता पक्ष व विपक्ष का सुर एक है. इसके बाद से ही पिछले महीने से बिहार की राजनीति में जातिगत जनगणना का मामला छाया हुआ है.

    जातीय जनगणना के मुद्दे पर बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान लंबे समय बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्य मंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी. बिहार के पक्ष-विपक्ष के दलों के प्रतिनिधियों से बात के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानतमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जातीय जनगणना को लेकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के लिए प्रधानमंत्री से समय मांगा था.

     

    क्या हैं जातीय जनगणना के पक्ष में  नीतीश व लालू के तर्क

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते हैं कि जाति  की जनसंख्या का पता लगने के बाद उनके विकास की योजनाएं बनाने में आसानी हो जाएगी. नौकरियों तथा शिक्षण संस्थानों में प्रतिनिधित्व देने का रास्ता भी साफ होगा.

    उधर, राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी जातीय जनगणना का समर्थन किया है. लालू ने तो जातीय जनगणना नहीं होने की स्थिति में जनगणना के बहिष्कार की धमकी दे दी है.

    बिहार भाजपा इसे केंद्र का मामला कह बचती रही

    बिहार बीजेपी की बात करें तो वह इसे केंद्र का मामला बता कर कुछ भी स्पष्ट कहने से बचती रही है. बीजेपी जातीय जनगणना को जनसंख्या कानून से भी जोड़ कर देख रही है. बिहार सरकार में बीजेपी कोटे से मंत्री रामसूरत राय कहते हैं कि जातीय जनगणना हो, लेकिन जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बने.

    बीजेपी के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने भी कहा है कि उनकी पार्टी जातीय जनगणना के विरोध में नहीं, इसीलिए वह इस मुद्दे पर विधान सभा और विधान परिषद में पारित प्रस्ताव का हिस्सा रही.

     

    जातीय जनगणना के बहाने  दलों की वोट बैंक पर है नजर

    विदित हो कि सभी राजनीतिक दल जातीय जनगणना को लेकर वोट बैंक पर नजरें गड़ाए हुए हैं. राजनीतिक दलों में पिछड़ी जातियों का हितैषी होने की होड़ लग गई है. यही कारण है कि केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराने से इनकार के बावजूद बिहार में बीजेपी खुलकर विरोध नहीं कर रही है और प्रधानमंत्री से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल है.

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Koylanchal Samvad
    • Website
    • Facebook
    • Instagram

    Related Posts

    दो दशक के बाद बिहार की सत्ता का खेल बदल गया: बीजेपी ढूंढ रही नीतीश कुमार का सियासी उत्तराधिकारी

    March 6, 2026

    नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन भरा, अमित शाह और चिराग पासवान ने दी शुभकामनाएं – बिहार की राजनीति में नई हलचल

    March 5, 2026

    लो-प्रोफाइल लाइफ से सियासत तक? निशांत कुमार की एंट्री से बिहार की राजनीति में हलचल

    March 5, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • रजरप्पा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मारपीट मामले में कार्रवाई, 4 जैप जवान और 1 होमगार्ड निलंबित
    • झारखंड पुलिस को स्मार्टफोन का तोहफा! अनुसंधानकर्ताओं के लिए नई सुविधा जारी
    • झारखंड पुलिस का बड़ा एक्शन: 200 कुख्यात अपराधियों पर इनाम, कानून-व्यवस्था में कड़ा सुधार!
    • रांची में सनसनी! धुर्वा स्मार्ट सिटी रोड के पास फंदे से लटका मिला युवक का शव
    • गुरुग्राम अस्पताल में कैमिकल अटैक! युवक ने युवती पर फेंका कैमिकल, हालत गंभीर
    • Koylanchal Samvad e-paper | 9th March | Ranchi
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.