Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा ऐलान, झारखंड में बनेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज

    March 12, 2026

    झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 18 जिलों के 87 वांटेड अपराधियों की लिस्ट जारी

    March 12, 2026

    50KM की रफ्तार से आंधी-तूफान, बारिश… झारखंड के मौसम में उलटफेर! देवघर-धनबाद समेत 15 जिलों में Alert

    March 12, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»राष्ट्रीय»जानिए कब से शुरू हो सकता है भारत में कोरोना की वैक्‍सीन का क्‍लीनिकल टेस्‍ट
    राष्ट्रीय

    जानिए कब से शुरू हो सकता है भारत में कोरोना की वैक्‍सीन का क्‍लीनिकल टेस्‍ट

    Koylanchal SamvadBy Koylanchal SamvadMay 26, 2020No Comments3 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    नई दिल्‍ली । कोरोना से प्रभावित देशों की सूची में भारत ईरान को पछाड़ कर दसवें नंबर पर आ चुका है। इस बीच बीते एक सप्‍ताह से लगातार कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। बीते आठ दिनों में ही भारत में इनकी संख्‍या 47918 मामले सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत में आने वाले दिनों में इनकी संख्‍या और अधिक तेजी से बढ़ने की आशंका पहले ही जताई जा चुके हैं। लेकिन इस बीच एक अच्‍छी खबर इसकी दवा के क्‍लीनिकल ट्रायल से जुड़ी हुई सामने आई है। भारत के शीर्ष चिकित्सा निकाय ने कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन के लिए कम से कम 6 महीने में मानव परीक्षण शुरू हो सकते हैं।

    रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर के निदेशक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के प्रमुख डॉ. रजनी कांत ने कहा है कि पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) प्रयोगशाला में वायरस का स्ट्रेन पृथक किया गया है जिसका उपयोग अब इस जानलेवा वायरस की वैक्सीन बनाने में किया जाएगा। इस स्ट्रेन को भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) में स्थानांतरित भी कर दिया गया है। उन्‍होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले छह माह के अंदर इस वैक्‍सीन का इंसान पर टेसट संभव हो सकता है।

    भारत में बढ़ते मामलों पर आईसीएमआर प्रमुख ने कहा कि इससे चिंतित होने की जरुरत नहीं है। उनके मुताबिक हमें संख्या की बजाय उन कमजोर समूहों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए जो इनकी वजह बन रहे हैं। उन्‍होंने ये भी कहा कि बुजुर्गों और ऐसे लोगों पर ध्‍यान देने की जरूरत है जो पहले से ही किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं। उन लोगों की सुरक्षा की आवश्यकता है। यही हमारी सबसे कमजोर कड़ी है। उन्‍होंने कहा कि इस समूह में मृत्युदर को कम रखने के लिए पयार्प्त संसाधन लगाने और रणनीतियों को विकसित करने की जरूरी है।

    आईसीएमआर प्रमुख कांत ने कहा है कि हमारा फोकस 5-10 फीसद गंभीर मरीजों पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम रोजाना एक लाख से अधिक परीक्षण कर रहे हैं और हमारे यहां कोविड मामलों की मृत्युदर पहले से ही दुनिया में सबसे कम है। लिहाजा, वैक्सीन के अभाव में, लोगों को सामाजिक दूरी के दिशा-निदेर्शों का पालन करना चाहिए, जो बहुत कारगर होगा।

    आपको यहं पर ये भी बता दें कि भारत में कोरोना के मरीजों का रिकवरी रेट अन्‍य देशों की तुलना में काफी अच्‍छा है। खुद कांत भी इस बात को मानते हैं। उनके मुताबिक भारत में कोविड-19 के मरीजों का रिकवरी रेट 41 फीसद है, जो भारत के लिहाज से काफी अहम है। मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद में बड़े पैमाने पर सामने आ रहे मामलों की वजह वे यहां का जनसंख्या घनत्व मानते हैं। उनके मुताबिक यहां की बढ़ती जनसंख्‍या वायरल संक्रमण फैलने के लिए सही वातावरण साबित हो रही है।

    उनके मुताबिक इस तरह के हॉटस्पॉट्स को इससे निजात दिलाने के लिए एक मजबूत क्लस्टर प्रबंधनर पॉलिसी बनानी होंगी। इसके अलावा इन क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद करने की जरूरत है। उन्‍होंने इस बात पर चिंता जाहिर की है कि बढ़ते मामलों के बीच भी लोग इसको लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। लोग आसानी से घूम रहे हैं और सामाजिक दूरियों के मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक लॉकडाउन का पहला चरण बहुत प्रभावी था, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Koylanchal Samvad
    • Website
    • Facebook
    • Instagram

    Related Posts

    क्‍या है एसेंशियल कमोडिटी एक्‍ट? सरकार ने LPG की क‍िल्‍लत के बीच क‍िया लागू

    March 10, 2026

    गुरुग्राम अस्पताल में कैमिकल अटैक! युवक ने युवती पर फेंका कैमिकल, हालत गंभीर

    March 9, 2026

    UPSC CSE 2025 Final Result Out! 958 अभ्यर्थी बने IAS, IPS और IFS अधिकारी

    March 6, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा ऐलान, झारखंड में बनेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज
    • झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 18 जिलों के 87 वांटेड अपराधियों की लिस्ट जारी
    • 50KM की रफ्तार से आंधी-तूफान, बारिश… झारखंड के मौसम में उलटफेर! देवघर-धनबाद समेत 15 जिलों में Alert
    • जमशेदपुर में ‘लुटेरी दुल्हन’ का कारनामा: शादी का झांसा देकर लाखों के गहने लेकर फरार
    • झारखंड के तीन तीरंदाजी कोच स्विट्ज़रलैंड में वर्ल्ड आर्चरी सेमिनार के लिए चयनित
    • झारखंड में हस्तशिल्प को बढ़ावा: 270 शिल्पियों को प्रशिक्षण, 2500 उद्यमियों को मिलेगा लाभ
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.