सीबीएसई, सीआइएससीइ व विभिन्न राज्यों के परीक्षाओं के बोर्ड व काउंसिल द्वारा आयोजित दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं अब 40 प्रतिशत प्रश्न आब्जेक्टिव होंगे। साथ ही अप्रैल से पहले ये परीक्षाएं प्रारंभ करना भी चुनौतीपूर्ण है। इस कारण अब अप्रैल से पहले बोर्ड परीक्षाएं संभव नहीं है। सारे बोर्ड इसी दिशा में तैयारी भी कर रहे हैं। स्कूलों से भी फिटबैक लिया जा रहा है।
स्कूलों ने कहा है कम से बोर्ड परीक्षाओं के छात्रों के लिए एक-दो माह की आफलाइन कक्षाएं तो होनी ही चाहिए। इससे छात्रों का मनोदशा बदलेगी। हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश में स्कूल खुलने के बाद बंद हो जाने से अब झारखंड में भी इतनी जल्दी स्कूल खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। दिल्ली सरकार ने साफ कह दिया है कि जब तक वैक्सीन नहीं तब तक स्कूल नहीं। झारखंड बोर्ड भी दसवीं एवं इंटर की परीक्षाओं के पैटर्न बदलने पर विचार कर रहा है।
यह लगभग तय हो गया है कि अन्य बोर्डों की तरह जैक बोर्ड भी 40 प्रतिशत प्रश्न ऑब्जेक्टिव देगा। इसकी तैयारी भी चल रही है। शिक्षकों से प्रश्नों की सूची मांगी जा रही है। सभी शिक्षकों ने इसके लिए हामी भर दी है। जैक बोर्ड के अध्यक्ष अरविंद सिंह ने कहा कि पैटर्न में तो बदलाव करना ही होगा साथ ही परीक्षा की तिथि भी आगे बढ़ेगी। इसके अलावा कोई उपाय भी नहीं है। हम छात्रों को संकट में नहीं डाल सकते।

