झारखंड सरकार आगामी 3 मार्च को विधानसभा में अगले वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेगी। इससे पहले बुधवार को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की गई। इसमें सरकार ने बताया है कि झारखंड का ग्राॅस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) देश के सकल घरेलू उत्पाद के दो प्रतिशत से भी कम है। पिछले दो वर्षों में विकास दर में गिरावट आई है। लॉकडाउन में कृषि, वानिकी, मछली पकड़ने, बिजली गैस, जल आपूर्ति को छोड़कर अन्य क्षेत्र के उत्पादन मूल्य में संकुचन हुआ है।
वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने सदन में रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के JSDP में 8.8 प्रतिशत के वृद्धि का अनुमान है। इससे पहले फिर 2004 – 2005 से 2011 के बीच 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। वर्ष 2011 – 12 से 2018 – 19 के बीच 6.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। पिछले दो वर्ष में 2019 – 20 और 2020 – 21 में विकास दर में गिरावट आई है। इस दौरान भारतीय अर्थ व्यवस्था और और झारखंड़ की अर्थव्यवस्था दोनों में 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य के JSDP के 4.7 प्रतिशत तक अनुबंधित होने का अनुमान है। राज्य की अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्रों में तृतीयक क्षेत्र 2011 – 12 और 2019 – 20 के बीच अवधि में सबसे तेज दर से बढ़ा है,जबकि प्राथमिक क्षेत्र 1.9 प्रतिशत की औसत से और द्वितीयक क्षेत्र में 6.3 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। इस अवधि में तृतीयक क्षेत्र 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। चालू वित्तीय वर्ष 2021 – 22 में कुल राजस्व प्राप्ति कुल राजस्व प्राप्ती की तुलना में 36.6 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष कर राजस्व 2020 – 21 में 23.8 प्रतिशत है।
विपक्ष के विरोध के बीच अनुपूरक बजट पारित
झारखंड विधानसभा में बुधवार को 2698 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट ध्वनि मत से पारित हो गया। विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया। विपक्ष के कटौती प्रस्ताव का जवाब देते हुए वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि नई योजना को लेकर अनुपूरक बजट लाया गया है। कहा कि पेट्रोल के मूल्य वृद्धि को देखते हुए सरकार ने राशनकार्ड धारी गरीबों को 250 रुपये सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था अनुपूरक में की गई है। पोषण सखियों के मानदेय भुगतान के लिये अनुपूरक बजट में 38 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सदन में कटौती प्रस्ताव रखते हुए भाजपा विधायक अमर कुमार बाउरी ने कहा कि मार्च महीने में अनुपूरक बजट लाने का कोई औचित्य नहीं है।

