रांची: झारखंड के तीन नक्सलियों ने सोमवार को सरेंडर किया। ये सभी एक करोड़ इनामी नक्सली अनल दा के दस्ते के थे। सरेंडर करने वालों में एरिया कमांडर बैलून सरदार, एरिया कमांडर सूरज सरदार और उसकी पत्नी गीता मुंडा शामिल हैं। ये सभी सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया है।
सरेंडर करने वाले बैलून सरदार के ऊपर सरायकेला और चाईबासा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में कुल 12 मामले दर्ज है। सूरत सरदार के ऊपर 9 मामले और गीता मुंडा के ऊपर 7 मामले दर्ज हैं। इस दौरान आईजी अभियान एवी होमकर, डीआईजी पंकज कंबोज, कोल्हान डीआईजी असीम विक्रांत मिंज, डीआईजी झारखंड जगुआर अनूप बिरथरे समेत कई पुलिस अधिकारी शामिल थे।
सरेंडर करने वाले तीनों नक्सलियों ने बताया कि एक करोड़ इनामी अनल दा का दस्ता इन लोगों के गांव के आसपास सक्रिय रहता था। जहां सरू डैम से गांव डूब जाने का भय दिखाकर और प्रलोभन देकर साल 2017 में इन्हें भाकपा माओवादी में शामिल किया गया था। इसी दौरान नक्सलियों के गांव के बगल में ही पुलिस कैंप स्थापित किया गया, जिससे गांवों के लोग काफी खुश थे।
गांव वालों की ही हत्या करने लगा था संगठन
इसी दौरान इन नक्सलियों के गांव के ही दो लोगों की पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या कर दी। जिस वजह से इन लोगों का संगठन से मोहभंग होने लगा। साथ ही पुलिस की ओर से लगातार दबिश बनाने और बैलून सरदार के घर कुर्की की गई , जिसके कारण इनका घर परिवार पूरी तरह से टूट गया।
पुलिस का भय दिखाकर संगठन शोषण कर रहा था
जब उन्होंने पार्टी से मदद मांगी तो किसी भी प्रकार का मदद नहीं किया गया, उल्टा ही पुलिस का भय दिखाकर शोषण किया जा रहा था। इस दौरान पुलिस द्वारा इन नक्सलियों के परिवार से संपर्क कर आत्मसमर्पण नीति के बारे में बताया और आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया।

