लोहरदगा: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय श्रेणी अरविंद कुमार (टू) की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपितों को जुर्माना भी लगाया गया है। लोहरदगा जिले के जोबांग थाना कांड संख्या 30/18 और एसटी संख्या 06/19 में लोहरदगा जिले के जोबांग थाना क्षेत्र के बारियातू गांव निवासी कैमूल अंसारी के पुत्र सरवर अंसारी और स्वर्गीय मीरमोजफ्फर अंसारी के पुत्र कैमूल अंसारी को दहेज हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई है।
साथ ही दहेज प्रताड़ना और साक्ष्य छिपाने के मामले में भी सजा सुनाई गई है। उपरोक्त मामले में आरोपियों को 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया गया है। फिलहाल दोनों आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पिता-पुत्र को मामले में दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
मामले में अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक राजधान सिंह थे और सरकारी पक्ष की ओर से एपीपी मनोज कुमार झा ने दलीलें पेश की हैं। बताया जाता है कि लातेहार निवासी कैमूल अंसारी ने अपनी पुत्री राजी खातून की शादी लोहरदगा जिले के जोबांग थाना क्षेत्र के कैमूल अंसारी के पुत्र सरवर अंसारी के साथ की थी। विवाह के बाद से ही राजी खातून से दहेज की मांग की जा रही थी। इसी बीच संदेहास्पद अवस्था में राजी खातून का शव बरामद हुआ था। मामले को लेकर जोबांग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

