दुमका: झारखंड सरकार फूलो झानो मेडिकल कालेज और अस्पताल ( दुमका मेडिकल कालेज) को पीपी मोड पर चलाने की तैयारी कर रही है। तैयारी को अमलीजामा पहनाने के लिए सोमवार को रांची रिम्स के पूर्व निदेशक डा. तुलसी महतो के नेतृत्व में भुवनेश्वर की चार सदस्यीय टीम ने दोनों जगह का निरीक्षण किया। दोपहर में टीम के सदस्य पहले फूलो झानो मेडिकल कालेज पहंचे। सदस्यों ने छात्र व छात्राओं के हास्टल, डाक्टर और स्टाफ के आवास, जिम, पुस्तकालय, पैथोलाजी, लेक्चर रूम, कैंटीन और मेस का निरीक्षण किया। टीम ने मेडिकल कालेज के अधिकारियों को सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।
रिम्स के पूर्व निदेशक डा. तुलसी महतो ने कहा कि इस कालेज को देखने के बाद इसकी आधारभूत संरचना अच्छी है कि यूनिफाइड सेंट्रल मेडिकल यूनिवर्सिटी अगर हो जाए तो यह विश्वस्तरीय संस्थान के रूप में दिख सकता है। यहां का पूरा परिसर किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें और आधारभूत संरचना होनी चाहिए और सरकार इसके लिए प्रयासरत है। कहा कि आज भी यहां के लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहर के बड़े अस्पताल में जाना पड़ता है। अगर सारी सुविधा यहां मिल जाए तो लोगों को बाहर जाना नहीं पड़ेगा। गरीबों को सबसे अधिक फायदा होगा। कालेज बनने से स्वास्थ्य सुविधाएं और भी बेहतर होगी। आसपास क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से वह निरीक्षण के लिए आए हैं।
भुवेनश्वर के हाईटेक मेट्रो रियल हास्पिटल के निदेशक डा. सुरेश पानागिरी ने कहा कि कालेज की आधारभूत संरचना को देखा है। सरकार का प्रयास है कि कालेज और अस्पताल को पीपी मोड पर चलाया जाए। इस बारे में सरकार से बात हुई है। बहुत ही अच्छा कालेज है, हर तरह की सुविधा है। अब टीम एक बैठक कर किस तरह इसको भविष्य में कैसे इसको आगे बढ़ाएंगे इस पर आगे विचार विमर्श करेगी। सरकार कालेज को पीपीपी मोड में लेकर सुपर स्पेशलिस्ट यूनिट बनाना चाहती है। प्राचार्य डा. अरूण कुमार ने बताया कि निरीक्षण का उददेश्य कालेज को पीपी मोड पर चलाने का है। टीम ने यहां पर जो देखा है, उसके आधार पर ही आगे की तैयारी करेगी।

