झारखंड के धनबाद जिले में सिंदरी स्थित डिनोबली स्कूल में बुधवार को सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्कूल के कक्षा दसवीं में पढ़ने वाले छात्र अश्मित आकाश की मौत हो गई है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चा पूरी क्लास के सामने अचानक बेहोश हो गया। परिजनों को सूचना देने के बाद बच्चे को प्राथमिक इलाज के लिए भेजा गया। स्कूल में प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को धनबाद के सरकारी मेडिकल कालेज SNMMCH लाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से स्कूल प्रबंधन और अभिभावक स्तब्ध हैं।
अभिभावकों की तरफ बताया जा रहा है कि छात्र के साथ मारपीट हुई है। कुछ लोगों ने लड़के के पिता को बताया कि सहपाठियों के बीच बेंच पर बैठने को लेकर मारपीट में हुई। इसमें सहपाठियों ने मिलकर छात्र को इतनी बुरी तरह मारा कि उसकी मौत हो गई। बच्चे के हृदय के पास वार किया गया। इसमें उसकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया। पैर कांपने लगे। थोड़ी देर में वह बेहोश हो गया। इसके बाद छात्र ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्कूल पहुंची पुलिस अलग-अलग जगहों पर लगी CCTV फुटेज खंगाल रही है। स्कूल के शिक्षकों व प्राचार्य से घटना के बारे में जानकारी ली गई है।
स्कूल प्रबंधन ने स्वजन की दी सूचना
डी नोबिली स्कूल सिंदरी के दसवीं के छात्र अश्मित आकाश (14) की मौत हो गई। स्कूल में सुबह किसी बात को लेकर दोस्तों के साथ मारपीट हो गई थी। इसे गंभीर अवस्था में अश्मित जख्मी हो गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने स्वजनों को सूचना दी। गंभीर अवस्था में छात्र को शहीद निर्मल महतो मेमोरियल कॉलेज एवं अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत घोषित करने के साथ ही स्वजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। काफी संख्या में परिचित इमरजेंसी में पहुंचे हैं।
मारपीट का आरोप
मृत छात्र के पिता प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पा रहा है। स्कूल के कुछ छात्रों ने बताया कि मेरे बेटे के साथ मारपीट हुई। वहीं स्कूल की टीचर ने पहले कहा कि दो लड़कों के बीच विवाद को देखकर आपका बेटा बेहोश हो गया। पिता ने कहा कि यह घटना स्कूल की लापरवाही से हुई।
कुछ छात्रों ने ही बताया कि साथ पढ़ने वाले कुछ लोग मेरे बेटे को परेशान कर रहे थे। उसके साथ मारपीट की गई थी। आज भी मेरा बेटा स्कूल नहीं जाना चाह रहा था। लेकिन फिर एकाएक मन हुआ और वह स्कूल चला गया। स्कूल जाने के बाद यह घटना हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे बेटे की हत्या कर दी गई है। उसमें जो भी दोषी हैं। उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार ने बताया कि बेटा आठ बजे स्कूल गया। दोपहर 11 बजे स्कूल का फोन आया। स्कूल पहुंचकर देखा तो बेटा बेहोश पड़ा था। स्कूल ने सही समय पर इलाज भी नहीं कराया। छात्र का परिवार मूलरूप से ओड़िशा का रहने वाला है। पिता एलआइसी के एजेंट हैं।
अस्पताल में भी बिलख बिलख कर रो रही है मां
इमरजेंसी मौत की सूचना के बाद मां अस्पताल में बिलख- बिलख कर रो रही है। मां ने कहा कि उसकी दुनिया उजड़ गई। मेरा बेटा एकाएक चला गया है। फिलहाल इमरजेंसी में काफी भीड़ लगी हुई है।

