झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए अलग कमरे का मामला अब विधानसभा समिति के हवाले कर दिया गया है। इसके लिए स्पीकर की तरफ से 7 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति के सुझाव के आधार पर अंतिम निर्णय किया जाएगा। गुरुवार को JMM विधायक सरफराज अहमद के सुझाव पर स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि जब सदन की इस पर सहमति है तो मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है।
स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा- ‘विधानसभा में जो गतिरोध उत्पन्न हुआ इसका असर राज्य पर पड़ा। यह गतिरोध का विषय नहीं है। राज्य के सेहत, हित और विकास के लिए इस गतिरोध को समाधान करना जरूरी था। इस विषय को सर्वदलीय समिति के समक्ष रख देता हूं।’
45 दिन के भीतर समिति को अपना प्रतिवेदन जमा करने के लिए कहा गया है। इस निर्णय पर BJP विधायक भानू प्रताप शाही ने कहा कि यह पहले दिन भी हो सकता था, लेकिन BJP के दबाव में सदन को अपने फैसले पर विचार करना पड़ा।
समिति में हर दल के नेता शामिल
समिति में हर दर के नेता को शामिल किया गया है। इसमें JMM के स्टीफन मरांडी, सरफराज अहमद, कांग्रेस के प्रदीप यादव, दीपीका पांडेय सिंह, BJP से नीलकंठ सिंह मुंडा, AJSU से लंबोदर महतो और भाकपा माले से विनोद सिंह को शामिल किया गया है।
बाबूलाल और प्रदीप यादव में तर्क-वितर्क
कभी JVM में एक साथ राजनीति करने वाले बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव के बीच इस मसले पर तर्क-वितर्क भी देखने को मिला। दरअसल, JMM विधायक सरफराज अहमद ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री काल में भी नमाज के लिए अलग कमरे का प्रावधान था। बाबूलाल मरांडी ने इसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि मेरे शासन के दौरान ऐसा कोई सर्कुलर नहीं आया था। इस पर प्रदीप यादव ने कहा कि इनके शासनकाल में स्पीकर रहे इंदर सिंह नामधारी ने स्वीकार किया है कि कमरा था। अब यही मुकर रहे हैं।
BJP लगातार कर रही प्रदर्शन
4 सितंबर को स्पीकर की तरफ से नमाज के लिए अलग कमरा आवंटित होने के बाद BJP लगातार प्रदर्शन कर रही है। BJP स्पीकर से इस आदेश को वापस लेने की मांग कर रही है। इसे लेकर बुधवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम भी किया गया, जिसमें BJP के नेताओं पर लाठीचार्ज भी हुआ।

