पलामू: झारखंड के पलामू में दारोगा लालजी यादव ने थाना परिसर में ही आत्हमत्या कर लिया है। इसके बाद पूरे पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई है। घटना पलामू के नावा बाजार थाने की है। एक सप्ताह पहले पलामू के DTO अनवर हुसैन से बकझक के बाद पलामू SP चंदन कुमार सिन्हा ने लालजी यादव को सस्पेंड कर दिया था।
6 जनवरी से ये निलंबित चल रहे थे। जानाकारी के मुताबिक सोमवार को इन्होंने रांची के बुढ़मू थाने में मालखाना का प्रभार देने गए थे। वहां से वापस लौटने के बाद अपने कमरे में ही फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। हालांकि अभी अत्हमहत्या के कारणों की पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है। लालजी यादव 2012 बेच के दारोगा थे।

ग्रामीणों में आक्रोश, सड़क जाम किया
थाना प्रभारी की मौत के बाद नावा बजार के ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने नावा बाजार थाना के पास मेदिनीनगर-औरंगाबाद मुख्य सड़क एनएच 98 को जाम कर दिया है। ग्रामीणों में पलामू SP के खिलाफ नाराजगी है और वे उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इधर घटना की सूचना मिलने के बाद SP चंदन कुमार सिन्हा भी मौके पर पहुंच गए हैं।
DTO की जब्त गाड़ियों को थाने में रखने से कर दिया था मना
दरअसल 5 जनवरी को DTO की तरफ से नावा बाजार के NH-98 पर विशेष जांच अभियान चलाया गया था। उस दौारन उन्होंने कुछ गाड़ियों को जब्त भी किया था। उसे वे थाना परिसर में रखना चाहते थे। लेकिन उन्होंने ऐसे करने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि ये गाड़ियां थाने की तरफ से जब्त नहीं की गई है। इसी बात पर दोनों के बीच बकझक हुई थी। DTO ने इसकी शिकायत SP से कर दी थी। इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।
रांची में भी रह चुके हैं कार्रयरत
पलामू जाने से पहले ललाजी यादव रांची के कई थानों में भी कार्यरत रहे हैं। वे रांची के बुढ़मू और पिठौरिया में थानेदार रह चुके हैं। उनकी छवि एक तेजतर्रार और इमानदार पुलिसकर्मी की रही है।

