पलामू: हैदर नगर प्रखंड मुख्यालय के सभी व्यवसायियों ने प्रखंड व पुलिस प्रशासन के खिलाफ आज रविवार को अपनी-अपनी दुकानें बंद कर रखी हैं. शुक्रवार को मां दुर्गा के विसर्जन जुलूस में शामिल पूजा समितियों के आठ पदाधिकारियों व 100 से अधिक अज्ञात पर दर्ज प्राथमिकी का व्यवसायी विरोध कर रहे हैं. साथ ही दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग कर रहे हैं.
पुलिस पर सोची समझी साजिश के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाकर रविवार की सुबह से हैदरनगर बाजार की दुकानें बंद है. मामले को लेकर हैदरनगर बाजार में कई जगहों पर पोस्टर चिपकाए गए हैं और दुकानें बंद करने का कारण बताया गया है. यह भी कहा गया है कि एफआईआर वापस लेने तक दुकानें बंद रखी जाएगी. करीब-करीब दुकानें बंद रहने से बाहर से आए लोगों को खरीदारी करने में भारी परेशानी हुई. लोग भटकते नजर आए.
क्या है मामला
विदित हो कि विजयदशमी के दिन हैदरनगर चौक से मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ विसर्जन जुलूस निकाला गया था. पूजा समिति के अनुसार जुलूस में उपायुक्त पलामू के निर्देशानुसार सूचनाओं के लिए लाउडस्पिकर बांधा गया था. उसमें धीमी आवाज में लाउडस्पिकर से भजन बजाया जा रहा था. अचानक बैंक रोड में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी जनसेवक सह प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार ने दुर्गा पूजा समितियों को ट्रैक्टर से लाउडस्पीकर खोलने का आदेश दिया. वहां सीओ राजीव नीरज, थाना प्रभारी अजित कुमार मुंडा, पुलिस पदाधिकारी व पुलिस जवान उपस्थित थे. लाउडस्पीकर खोलने के आदेश का जुलूस में शामिल लोगों ने विरोध किया. इस पर ग्रामीणों व पुलिस के बीच कहासुनी हो गई.
जुलूस के रेलवे गुमटी के समीप पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, हेमंत सोरेन मुर्दाबाद के नारे लगाए. रेलवे गुमटी के समीप जुलूस एक घंटा रुका रहा. बिना लाउडस्पीकर हैदरनगर बाजार व अन्य मुहल्ला व गांव की प्रतिमाओं को चौक बाजार के रास्ते सदाबह नदी स्थित छठ घाट पर विसर्जित कर दिया गया. लाउडस्पीकर खुलवाने के मामले पर दुर्गा पूजा समिति के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति काफी रोष देखा गया.
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
हैदरनगर के थाना प्रभारी अजित कुमार मुंडा ने बताया कि शुक्रवार को कुछ लोगों के द्वारा जुलूस के दौरान सरकारी कार्य में बाधा, रोड जाम व कोविड गाइडलाइन का उलंघन किया गया. उन्होंने बताया कि दंडाधिकारी संजीव कुमार के आवेदन पर आठ नामजद व एक सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
क्या कहते हैं दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी
दुर्गा पूजा समिति हैदर नगर की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि शुक्रवार को देवी मां की प्रतिमा के साथ धीमी आवाज में भजन बजाते हुए लोग विसर्जन के लिए जा रहे थे. बैंक रोड में थाना प्रभारी और दंडाधिकारी ने जबरदस्ती लाउडस्पीकर बंद करने का दबाव बनाया. ग्रामीण श्रद्धालुओं ने इसका विरोध किया. इसके बाद सभी लोगों ने बिना लाउडस्पीकर के प्रतिमा को रेलवे गुमटी होते हुए चौक बाजार, मस्जिद रोड होते हुए छठ घाट पर विसर्जन किया.
किसी ने पुलिस प्रशासन के साथ कोई बदतमीजी नहीं की है. बल्कि उन्हें सहयोग कर लाउडस्पीकर भी खोल दिया. थाना प्रभारी ने ही डीजे नहीं, लाउडस्पीकर कम आवाज में बजाने की अनुमति पूजा समिति को दी थी। प्राथमिकी दर्ज करना बिलकुल बेबुनियाद है. बयान जारी करने वालों में समिति के अध्यक्ष पवन जायसवाल व सचिव प्रशांत कुमार शामिल हैं. कहा है कि इस मामले की जांच एसडीपीओ या एसपी से कराई जाए.

