गढ़वा: बिशुनपुरा पीएस भवनाथपुर में कार्यरत रहे बिजली कर्मी विनोद कुमार का 15 अक्टूबर को निधन हो गया. झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने इसे लेकर नाराजगी जतायी है. संघ के प्रमुख अजय राय ने कहा है कि विनोद कुमार की जान विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से गयी है. उन पर कार्रवाई हो. बिशुनपुरा क्षेत्र के एसडीओ सुभाष प्रसाद यादव ने बिना किसी ट्रेनिंग के ही विनोद कुमार को काम पर रख लिया था. 12 अक्टूबर को उसका काम के दौरान एक्सीडेंट हुआ. इसके बाद देवकमल हॉस्पिटल, रांची में एडमिट कराया गया था. पर उसे नहीं बचाया जा सका. इससे पूर्व दुर्घटना के बाद जब इनके परिजन भवनाथपुर थाना में एफआइआर दर्ज कराने गये तो पुलिस ने मदद नहीं की. इस तरह से विनोद के केस में ना तो बिजली विभाग ने अपनी जिम्मेदारी ली और ना ही पुलिस के स्तर से गंभीरता बरती गयी. अब उन्होंने इस संबंध में झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी अविनाश कुमार को सारी जानकारी दे दी है. इस मामले में दोषियों के ऊपर कार्रवाई की मांग की है. मृतक के परिजनों को मुआवजा के साथ साथ सरकारी नौकरी भी देने का आग्रह किया गया है.
डेढ़ लाख लेकर एसडीओ ने रखा काम पर
श्रमिक संघ के मुताबिक विनोद के छोटे भाई शैलेश कुमार ने संघ को जानकारी दी है कि 10 दिनों पहले एसडीओ सुभाष प्रसाद यादव ने प्रति आवेदक डेढ़ लाख रुपये लेकर तकरीबन 10 लड़कों को पीएसएस में रखा था. बिना कोई ट्रेनिंग कराये ही उनसे काम भी लिया जाने लगा. इसी क्रम में 12 अक्टूबर को विनोद झुलस गया. दुर्घटना के बाद विनोद के इलाज को लेकर विभाग के स्तर से जो सहयोग होना चाहिए था, वह दूर दूर तक नजर नहीं आया. एसडीओ ने परिजनों का फोन उठाना भी बंद कर दिया. देवकमल अस्पताल में इलाज के क्रम में लगभग एक लाख का बिल आया. इसकी भी जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली. संघ की पहल पर अस्पताल प्रबंधन ने 70 हजार का बिल माफ किया. फिलहाल पंडरा थाना ओपी (रांची) में शैलेश कुमार ने दोषियों के खिलाफ बयान दर्ज करा दिया है. विनोद का पोस्टमार्टम रिम्स में हो चुका है. उसके परिजन उसके शव को लेकर वापस गढ़वा के लिए निकल चुके हैं. अब 21 अक्टूबर को संघ मृतक विनोद के परिजनों के लिये मुआवजा, नौकरी की मांगों को लेकर मेदिनीनगर सप्लाई एरिया बोर्ड के संग बैठेगा. इसमें सप्लाई, ट्रांसमिशन के सदस्य भी भाग लेंगे.

