जामताड़ा: अदालत ने हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा चुनाई है। 4 वर्ष तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है। कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला नारायणपुर थाने का था। कांड संख्या 48/17 में आरोप लगाया गया था कि मधुबन गांव निवासी तिलक राय ने शादी के बाद बच्चा नहीं होने पर अपनी पत्नी की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी। मामले की अंतिम सुनवाई के बाद तृतीय जिला जज देवेश कुमार त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान कर दिया।
पत्नी के भाई बलराम सिंह की ओर से दर्ज कराई गई FIR में बताया गया कि उनकी बहन का विवाह आरोपी के साथ वर्ष 2001 में हुआ था। शादी के 10 साल बाद तक जब मृतिका से कोई बच्चा नहीं हुआ। आरोपी उसे बांझ कह कर प्रताड़ित करता था। घटना वाले दिन महिला नदी घाट में स्नान करने गई थी। अकेला पाकर उसी समय आरोपी ने तेज हथियार से उसके सिर पर वार कर दिया। इससे उसकी मृत्यु हो गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कुल 8 गवाहों ने गवाही दिया। वहीं बचाव पक्ष से 1 गवाह न्यायालय में गवाही दिया। सारे गवाहों के बयान को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाया है। सजा सुनाने के बाद पुनः आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में मंडल कारा जामताड़ा भेज दिया

