दुमका: झारखंड की राजधानी रांची में तीन साल पहले बीएसएनएल में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर तीस लोगों से करीब एक करोड़ से अधिक रुपये हड़पने वाले हरणाकुंडी निवासी चंदन कुमार गुप्ता की तलाश में सोमवार की शाम डोरंडा थाना की पुलिस ने उसके आवास पर दबिश दी और नहीं मिलने पर इश्तेहार चस्पा कर दिया. चंदन खुद को बीएसएनएल का निदेशक बनकर पांच साल पहले भी दुमका के कई लोगों को चूना लगा चुका है. पकड़ में आने के बाद उसने कुछ पैसा लौटाकर मामले को शांत करा दिया था.
डोरंडा थाना से आए अवर निरीक्षक एस खान ने बताया कि चंदन उर्फ सरफराज खान ने खुद को बीएसएनएल का निदेशक बताकर रांची में तीस लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर एक करोड़ लिया था. नौकरी नहीं मिलने पर एक पीड़िता दीप्ति कश्यप ने 09 अगस्त 2018 को चंदन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. उसके हर ठिकाने पर दबिश दी गई, लेकिन हाथ नहीं आया. न्यायालय के आदेश पर मुफस्सिल थाना के अवर निरीक्षक लखबीर सिंह चहल के साथ घर पर दबिश दी गई. नहीं मिलने पर उसके घर पर इश्तेहार चस्पा कर दिया गया है.
स्थानीय पुलिस का कहना है कि पांच साल पहले भी चंदन ने इसी तरह से खुद को निदेशक बताकर एक दर्जन से अधिक लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लिया था. लोगों ने उसे पकड़कर नगर थाना की पुलिस के हवाले किया था. कई घंटों तक चले समझौते के बाद पीड़ितों ने पैसा मिलने का आश्वासन पाकर केस नहीं कराया था. जुलाई 2017 में उस वक्त पोखरा चौक के समीप चाय दुकान चलाने वाले भरत से उनके घर के एक युवा को चंदन ने डाक विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए थे, जिसके बाद दबाव बनाने पर पत्नी पिंकी कुमारी का एसबीआई का चेक दिया था. बाद में जानकारी हुई कि उस खाते में पैसे ही नही हैं. कोर्ट में चाय दुकान चलाने वाले दीपक को भी झांसा देकर लाखों रूपये ठग लिए थे. सुलोचना देवी नाम की महिला भी तब थाने पहुंची थी और चंदन द्वारा पैसे ठग लेने का आरोप लगाया था.

