झारखंड भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल आज गुरुवार को राजभवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा में नमाज कक्ष आवंटन के आदेश को रद करने व विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं-कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज की जांच की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. प्रदीप वर्मा, पूर्व विधायक गंगोत्री कुजूर, प्रदेश मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू, कोषाध्यक्ष दीपक बंका, वरिष्ठ नेता बालमुकुंद सहाय शामिल थे।
झापन में कहा गया है कि झारखंड विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष के आदेशानुसार नमाज कक्ष आवंटित किया जाना राज्य सरकार की तुष्टीकरण नीति की पराकाष्ठा का परिचायक है। यह लोकतांत्रिक और सर्वपंथ समभाव का देश है। विधानसभा अध्यक्ष ने समुदाय विशेष की उपासना के लिए कक्ष आवंटित करने का अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक निर्णय लिया है। इस विशेष प्रकार के निर्णय से प्रदेश के अन्य समुदाय के लोग आहत हुए हैं। साथ ही अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान के लिए भी विधानसभा भवन में स्थल की मांग कर रहे हैं। विधानसभा लोकमंत्र का पवित्र मंदिर है।
यहां व्यक्तिगत उपासना का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इस निर्णय का भाजपा विरोध कर रही है। इस क्रम में 8 सितंबर को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस-प्रशासन ने भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। इसमें कई नेताओं पर जानलेवा हमला किया गया। महिला कार्यकर्ताओं को पुरुष पुलिसकर्मियों ने बर्बरता से पीटा। उन्हें गला दबाकर मारने की कोशिश की गई। इसलिए भाजपा मांग करती है कि राज्य में सर्व पंथ समभाव बनाए रखने के लिए नमाज कक्ष के निर्णय को अविलंब वापस लिया जाए। साथ ही प्रदर्शन में लाठीचार्ज की जांच कराई जाए।

