रामगढ़ (दुमका): रामगढ़ प्रखंड के छोटी रणबहियार पंचायत के आलूबाड़ा गांव के बाहर मौजूद मैनेजर बांध में रविवार की शाम डूब कर गांव की 40 वर्षीय महिला चुड़की किस्कू एवं उसका आठ वर्षीय बेटा विमल मुर्मू व सात वर्षीय एक अन्य बच्चा राजकुमार हेंब्रम की मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा है। सोमवार को हंसडीहा थाना के प्रभारी आकृष्ट अमन पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे तथा दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेज दिया। पुलिस रविवार को रात में ही मृतक महिला चुड़की किस्कू का शव थाना ले आई थी। थाना प्रभारी आकृष्ट अमन ने सभी ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि सभी अपने-अपने बच्चों को घर में रखें। बारिश होने के कारण सभी तालाब एवं बांध में काफी पानी जमा है। जिसके कारण कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए सभी ग्रामीण एवं अभिभावक को भी जागरूक रहने की जरूरत है।
विमल और राजकुमार थे गहरे दोस्त
चुड़की किस्कू का आठ वर्षीय बेटा विमल मुर्मू एवं विजय हेंब्रम का सात वर्षीय बेटा राजकुमार हेंब्रम के बीच गहरी दोस्ती थी। राजकुमार हेंब्रम के पिता विजय हेंब्रम ने बताया कि जब भी दोनों कहीं भी जाता साथ ही जाता। दोनों साथ-साथ ही खेलता भी था। रविवार को विमल की मां मैनेजर बांध में कपड़ा साफ करने व स्नान करने गई थी। पीछे से विमल मुर्मू एवं राजकुमार हेंब्रम भी बांध में स्नान करने चला गया। बांध में चुड़की किस्कू काफी देर तक कपड़ा साफ करती रही। इस दौरान दोनों बच्चे कम पानी में कीचड़ में खेल रहे थे। कपड़ा साफ करने के बाद चुड़की स्नान करके घर आने को तैयार हो गई थी। दोनों बच्चे को पानी से बाहर निकलने के लिए कहा। दोनों बच्चे ने एक बार फिर से साफ पानी में स्नान करके बाहर निकलने की बात कहते हुए बांध में ऊपर से छलांग लगा दी। इसके बाद दोनों बच्चा अंदर ही रह गए।
काफी देर तक दोनों बच्चा बाहर नहीं आए तो चुड़की भी बांध में कूदकर दोनों की खोजबीन करने लगी। बांध में अत्यधिक गहराई होने के कारण तीनों डूब गए। काफी देर तक चुड़की एवं दोनों बच्चे बांध के अंदर ही रहे। वहीं बाहर बांध के मेढ़ पर कपड़ा समेत अन्य सामग्री पड़ी रही। इधर कुछ लोगों ने मेढ़ में रखे सामग्री देखकर आदिवासी टोला में इसकी जानकारी दी। इसके बाद विजय हेंब्रम लगभग पांच बजे अपने बेटे की खोजबीन करने लगा। बेटे को ढूंढते-ढूंढते वह बांध के पास गया तो बांध में महिला चुड़की किस्कू का शव तैरता नजर आया। किसी प्रकार ग्रामीणों ने महिला के शव को बांध से बाहर निकाला। स्थानीय गोताखोरों द्वारा शाम को दोनों बच्चे की खोजबीन की गई। लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। सोमवार की सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने जाल के माध्यम से दोनों बच्चे के शव को बांध से बाहर निकाला।
पीड़ित परिवार का रो-रो कर बुरा हाल
आलूबाड़ा गांव में एक साथ तीन मौत के बाद हर किसी की आंखें नम थीं। पीड़ित परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था। सोमवार की सुबह दोनों बच्चों को देखने के लिए गांव में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं एक साथ अपने मां एवं छोटे भाई को खोने वाला 12 वर्षीय सुकलाल मुर्मू भी खामोश था। वह कुछ नहीं बोल पा रहा था। सुकलाल को यह समझ में नहीं आ रहा था की भगवान ने उसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों किया। सुकलाल मुर्मू पूरी तरह से अनाथ हो गया। उसके पिता गूंगा मुर्मू की काफी दिन पहले ही मौत हो गई है। वह अपनी मां एवं छोटे भाई के साथ रहता था। मां एवं भाई की मौत के बाद उसके घर में अब कोई नहीं बचा। एक बड़ी बहन है जिसकी शादी पूर्व में ही हो चुकी है। सुकलाल गांव के ही विद्यालय में सप्तम वर्ग में पढ़ता है। वही राजकुमार हेंब्रम दो भाइयों में वह छोटा था।
पीड़ित परिवार को दी गई चावल एवं नकद राशि
आलूबाड़ा गांव में एक महिला समेत दो बच्चे की बांध में डूब कर मौत के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी कमलेंद्र कुमार सिन्हा के निर्देश पर सोमवार की सुबह पंचायत सचिव मनोज कुमार साह गांव पहुंचे। उनके स्तर से पीड़ित परिवार को चावल प्रदान किया गया। वहीं दोनों परिवार को नगद सहायता भी दी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी कमलेंद्र कुमार सिन्हा के छुट्टी पर रहने के कारण उन्होंने मोबाइल पर परिजनों से बात कर हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। सरकारी मदद मिलने का आश्वासन के बाद ही परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए। पहले परिजन पोस्टमार्टम कराने को आनाकानी कर रहे थे। हंसडीहा थाना प्रभारी आकृष्ट अमन ने भी अपनी ओर से राजकुमार हेंब्रम के पिता विजय हेंब्रम को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।

