रांची में चल रहे अंजुमन इस्लामिया के चुनाव पर रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन को इस संबंध में अनियमितता की शिकायत मिली थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।
जिला प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। उप समाहर्ता भूमि सुधार व अंचल अधिकारी, चान्हो को इस मामले से सम्बंधित वस्तुस्थिति की जांचकर एक सुस्पष्ट जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, झारखण्ड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड, रांची ने जिला प्रशासन रांची को इस संबंध में पत्र लिखा था। इस के बाद जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने तक तत्काल प्रभाव से चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है। लगाए गए आरोप की जांच प्रतिवेदन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
21-24 नवंबर तक होनी थी वोटिंग
चुनाव संयोजक डॉ सैयद इकबाल हुसैन के मुताबिक 7 नवंबर से नामांकन के साथ की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। 10 नवंबर को स्क्रूटनी, 11 नवंबर को नाम वापसी, 12 नवंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित, 20 नवंबर की शाम 7:00 बजे तक प्रचार-प्रसार और 21 से 24 तारीख तक अपर बाजार स्थित मदरसा इस्लामिया भवन (मौलाना आज़ाद कॉलेज) में वोटिंग होनी थी।
1843 वोटर्स को करनी थी वोटिंग
चुनाव कमेटी के अनुसार जारी किए गए वोटर लिस्ट में इस बार 1843 वोटर हैं। इसलिए पहले 3 दिनों तक यानी 21 नवंबर से 23 नवंबर तक प्रत्येक दिन 500 वोटर वोट करेंगे. वहीं चौथे दिन बाकी बचे वोटर वोट कर सकेंगे।
वोटर लिस्ट जारी होने के बाद से हो रहा है विवाद
अंजुमन चुनाव में विवाद वोटर लिस्ट जारी होने के बाद से हो रहा है। ऐसा आरोप है कि इस लिस्ट में वर्तमान अध्यक्ष इबरार अहमद, आमला (कार्यकारिणी) के सदस्य, मस्जिद कमेटी, मदरसा और कई पंचायतों के नाम गायब हैं। हालांकि, चुनाव कन्वीनर की ओर से तीन दिनों का समय देकर अपनी आपत्ति दर्ज करने कहा गया था।

