रांची के रातू इलाके में रहने वाले एक स्वास्थ्य अधिकारी के बेटे ने खुद के अपहरण की साजिश रची। नाटकीय अंदाज में अपना अपहरण होने की कहानी बनाई। अपने ही पिता से 10 लाख की फिरौती मांगी। हालांकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक को 10 घंटे के अंदर बरामद कर लिया। युवक से पूछताछ में पूरी कहानी सामने आ गई।
जानकारी के अनुसार रातू प्रखंड के ही ब्लॉक क्वार्टर में रहने वाले स्वास्थ्य अधिकारी अरूपचंद्र का बेटा किशन कुमार सोमवार दिन के करीब 12:00 बजे अचानक लापता हो गया था। कुछ ही घंटे बाद किशन कुमार ने अपने ही पिता को वाट्सएप कॉल कर आवाज बदलकर 10 लाख की फिरौती मांगी। अपनी बेहोशी की हालत जैसी तस्वीर वाट्सएप पर भेजी।
उनसे कहा गया कि 10 लाख रुपये दो वरना जान से मार दूंगा। यह मैसेज आते ही पिता के होश उड़ गए थे। पिता ने तुरंत इसकी सूचना रातू थाने की पुलिस को दी। रांची के SSP सुरेंद्र कुमार झा और ग्रामीण SP नौशाद आलम को भी इसकी सूचना मिली। इसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी सेल की मदद से रात के करीब 9:00 बजे किशन को रांची के पिस्का मोड़ स्थित एक होटल से बरामद कर लिया।
खुद रूम किया था बुक
युवक ने अपने अपहरण के नाटक में कोई कसर नहीं छोड़ी। वह खुद को अपहृत करवा कर रांची के पिस्का मोड़ स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था। वहीं से वह अलग-अलग पोजीशन में बेहोशी की हालत जैसी तस्वीरें अपने पिता को भेजता रहा था। उसने होटल अपने ही आधार कार्ड का इस्तेमाल कर बुक किया था। ऑनलाइन पेमेंट भी किया था।इसके साथ ही जोमैटो से खाना भी मंगवाया था। हालांकि बरामद होने के बाद किशन कुमार कह रहा है उसे अपहर्ता ही उस होटल में लेकर आए थे, उन्हीं लोगों ने खाना बुक किया था। पुलिस संबंधित होटल की CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है।किशन कुमार रांची के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से BCA किया है। वह BCA का टॉपर रहा है। पुलिस ने जब उससे पूछा कि BCA का टॉपर होकर ऐसी हरकत क्यों की तो उसने चुप्पी साध ली। फिलहाल पुलिस किशन से पूछताछ कर रही है।

