रांची जिले के डोरंडा कोषागार से करोड़ों रुपयों की अवैध निकासी मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अभी जेल में ही रहेंगे… या उन्हें शुक्रवार को जमानत मिल जाएगी… वह जेल से बाहर आ जाएंगे…, इस पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में फैसला आने वाला है। अदालत उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई कर फैसला देने वाली है। दरअसल, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला के इस सबसे बड़े मामले में सबसे अधिक पांच वर्ष की सजा सुनाई गई है। 14 फरवरी 2022 से ही रांची रिम्स के पेइंग वार्ड में कैद हैं। दरअसल, उन्हें रहना तो बिरसा मुंडा होटवार जेल में था, लेकिन 17 प्रकार की बीमारियों ने उन्हें रांची रिम्स के पेइंग वार्ड तक पहुंचा दिया।
आधी सजा जेल में गुजारने के कारण जमानत मिलने की उम्मीद
पिछले चार मार्च को लालू प्रसाद यादव के वकील देवर्षि मंडल ने जमानत याचिका दाखिल की थी। लेकिन कुछ त्रुटियों के कारण अदालत ने दोबारा याचिका दाखिल करने का आदेश दे दिया। इस वजह से उस दिन अदालत में कोई फैसला नहीं हुआ था। अदालत की ओर से सुनवाई के लिए 11 मार्च की तारीख तय कर दी गई थी। इसी के तहत शुक्रवार को सुनवाई होनी है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में होनी है। लालू यादव के वकील देवर्षि मंडल की मानें तो लालू प्रसाद यादव अपनी आधी सजा जेल में गुजार चुके हैं। इसके अलावा वह इस समय बढ़ती उम्र के कारण 17 प्रकार की बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसलिए वह अदालत से लालू प्रसाद यादव को जमानत देने की गुहार लगाएंगे।
मोबाइल से जानते रहे चुनाव परिणाम, लगाया ठहाका
उधर, जमानत पर सुनवाई से एक दिन पूर्व गुरुवार को लालू प्रसाद यादव रांची रिम्स के पेइंग वार्ड में पांच राज्यों का चुनाव परिणाम देखते नजर आए। वह धूप में पैर पर पैर रखकर बैठे थे। मोबाइल पर चुनाव परिणाम देख रहे थे। उनके नजदीकी सूत्रों की मानें तो लालू यादव सबसे ज्यादा दिलचस्पी यूपी चुनाव परिणाम में ले रहे थे। यूपी मे बुलडोजर की पूजा की खबर सामने आते ही लालू यादव ने जमकर ठहाका लगाया। वह आज हल्के से हरे रंग का हाफ स्वेटर पहने हुए थे। वह एक सिपाही के मोबाइल से बात करते भी नजर आए। अभी यह खुलासा होना बाकी है कि उन्होंने किससे बात की।
होली पर इस बार परिवार के साथ पटना में रह सकते लालू
कानून के कुछ जानकारों की मानें तो लालू यादव को हाई कोर्ट से जमानत मिल सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह होगी कि वह आधी सजा पहले ही जेल में काट चुके हैं। उम्र और बीमारियों को देखते हुए भी अदालत उन्हें जमानत दे सकती है। इस कयास के बावजूद सबकुछ अदालत पर निर्भर करता है। ऐसी उम्मीद जताई जा सकती है कि लालू यादव इस बार होली में अपने घर पर परिवार के साथ पटना में मौजूद रह सकते हैं। तस्वीर शुक्रवार को स्पष्ट हो जाएगी।
21 फरवरी को अदालत ने सुनाई थी लालू को सजा
मालूम हो कि डोरंडा कोषागार से कुल 139.35 करोड़ की अवैध निकासी हुई थी। करीब 25 साल तक इस मामले की सीबीआइ की विशेष अदालत में सुनवाई चली। अंतत: 14 फरवरी को अदालत ने इस मामले में लालू यादव को दोषी ठहराया। इसके बाद 21 फरवरी को आनलाइन लालू यादव को अदालत की ओर से पांच साल जेल और 60 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। लालू प्रसाद यादव समेत कुल 40 अभियुक्त इस मामले में दोषी ठहराए गए थे।
चार मामलों में लालू यादव को मिल चुकी है जमानत
उल्लेखनीय है कि लालू यादव को चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के दो मामलों में जमानत मिल चुकी है। इसी तरह देवघर और दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में भी जमानत मिल चुकी है। ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही कि डोरंडा कोषागार मामले में भी शुक्रवार को उन्हें जमानत मिल सकती है।

