रांची: झारखंड विधानसभा में आज चालू वित्तीय वर्ष के लिए 4684.93 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हुआ. इससे पहले माले विधायक बिनोद सिंह ने अनुपूरक बजट पर कटौती प्रस्ताव को वापस लिया. बिनोद सिंह ने कहा कि यदि सरकार जिन पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा ली गयी है और उसका रिजल्ट प्रकाशित कर युवाओं की नियुक्ति करती है तो वह अपना कटौती प्रस्ताव वापस ले लेंगे. जवाब में वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि सरकार इसपर जल्द विचार करेगी.
सदन में अनुपूरक बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मूल बजट के निर्धारण के समय बहुत सारी योजनाएं नहीं आ पाती हैं इएलिए अनुपूरक के माध्यम से नई योजनाओं को लिया जाता है. कहा कि अनुपूरक बजट में अधिकांश राशि योजना मद में प्रावधान की गयी है.
अनुपूरक बजट में सबसे ज्यादा राशि ऊर्जा विभाग को 1786 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा खान विभाग के लिए 1000 करोड़, कृषि विभाग के लिए 324 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के लिए 279 करोड़, गृह विभाग के लिए 337 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग के लिए 284 करोड़, जल संसाधन विभाग के लिए 172 करोड़, महिला बाल विकास विभाग के लिए 173 करोड़ रुपये का प्रावधान अनुपूरक में है.
विकास कार्यों के लिए अनुपूरक बजट जरूरी : पूर्णिमा सिंह
कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि विकास कार्यों के लिए अनुपूरक बजट जरूरी है. कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विकास तेजी से हो रहा है इसलिए उसमें सबसे ज्यादा राशि का प्रावधान किया गया है.
कहा कि विपक्ष का काम ही हर विषय का विरोध करना है. जब वे सत्ता में रहते हैं तो अनुपूरक बजट को उचित करार देते हैं और विपक्ष में आते ही उन्हें यह गलत लगने लगता है. कहा कि अनुपूरक बजट से सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा.
अनुपूरक बजट जनता पर बोझ : ढुल्लू महतो
भाजपा विधायक ढुल्लू महतो ने कहा कि अभी तक मूल बजट का 20 प्रतिशत राशि भी हेमंत सरकार खर्च नहीं कर पाई है. और अब फिर साढ़े चार हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक विधानसभा से पारित कराई है. यह एक तरह से जनता पर बोझ है.
एक तो पहले से ही बजट से बड़ी राशि कर्ज चुकाने पर खर्च हो रही है और फिर से अनुपूरक लाया गया है. कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि जब मूल बजट की राशि पड़ी हुई है तो अनुपूरक लाने का क्या औचित्य है.
सिर्फ राशि का बंदरबांट किया गया है. अनुपूरक में एक भी नई योजना नहीं ली गयी है. सरकार के पास कोई विजन नहीं है.

