डिजिटल युग के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का कदम अब जल्द ही झारखंड पुलिस में भी पड़ने वाला है। झारखंड पुलिस इस नई विधा से अपडेट होगी। झारखंड पुलिस में भी एआइ टास्क फोर्स का गठन होगा, जो अपराध के त्वरित विश्लेषण, साइबर अपराध, बेहतर पुलिसिंग, यातायात, विधि-व्यवस्था आदि में मदद करेगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन संचालित ब्यूरो आफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरएंडडी) ने एआइ टास्क फोर्स से संबंधित अपनी एडवाइजरी केंद्र को सौंपी थी, जिसे झारखंड सहित प्रत्येक राज्यों को भेजा गया है।
उक्त एडवाइजरी पर इस बात पर जोर है कि इस नई विधा से राज्य पुलिस के 70 प्रतिशत बल को प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। आधुनिक अपराध, डिजिटल आधारित अपराध से निपटने और पुलिस को तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जाना है। इससे अपराध की जांच को गति मिलेगी।
अपराध के तौर-तरीके को समझने में भी सहूलियत होगी। रविवार (आठ फरवरी) को रायपुर में माओवाद विरोधी अभियान, माओवाद मुक्त क्षेत्रों में विकास योजनाओं की समीक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी झारखंड पुलिस को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने, एआइ टास्क फोर्स को बढ़ावा देने पर भी अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया था।
बीपीआरएंडडी की एडवाइजरी यह भी उल्लेख किया गया है कि एआइ टास्क फोर्स का नेतृत्व एक वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। यह टास्क फोर्स झारखंड पुलिस में एआइ से संबंधित टूल्स के उपयोग, प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण की पूरी प्रक्रिया को संचालित करेगी।

