राजधानी रांची से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। कोतवाली थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर आदिकांत महतो को एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) ने तत्काल प्रभाव से लाइन क्लोज कर दिया है।
इस फैसले के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है और कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, अभी तक इस कार्रवाई के पीछे की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसे पुलिस प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
SSP का सख्त रुख, अनुशासन पर जोर
सूत्रों के मुताबिक, SSP रांची लगातार पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दे रहे हैं।
इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है।
🔹 लाइन क्लोज का मतलब क्या होता है?
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किसी अधिकारी को थाना या फील्ड ड्यूटी से हटाया जाना
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पुलिस लाइन में रिपोर्ट करने का आदेश
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विभागीय जांच की संभावनाएं बढ़ जाती हैं
👉 लाइन क्लोज होना सीधे तौर पर प्रशासनिक असंतोष का संकेत माना जाता है।
कोतवाली थाना: रांची का बेहद संवेदनशील इलाका
कोतवाली थाना रांची के सबसे व्यस्त और संवेदनशील थाना क्षेत्रों में से एक है।
यहां—
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वीआईपी मूवमेंट
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व्यापारिक इलाके
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कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले
अक्सर सामने आते रहते हैं।
ऐसे में थाना प्रभारी पर बेहद अहम जिम्मेदारी होती है। किसी भी तरह की लापरवाही को पुलिस मुख्यालय गंभीरता से लेता है।
क्या विभागीय जांच होगी?
पुलिस सूत्रों का कहना है कि—
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लाइन क्लोज के बाद
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इंस्पेक्टर आदिकांत महतो से
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स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है
यदि आरोप सही पाए गए, तो—
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विभागीय जांच
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कारण बताओ नोटिस
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आगे और सख्त कार्रवाई
भी संभव है।
हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई लिखित आदेश या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस महकमे में संदेश साफ
इस कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग में एक स्पष्ट संदेश गया है—
“काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
पिछले कुछ समय से रांची पुलिस—
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कानून-व्यवस्था
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थानों की कार्यशैली
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आम जनता की शिकायतों
को लेकर लगातार समीक्षा कर रही है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाइयां
यह पहला मामला नहीं है जब SSP ने—
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थाना प्रभारियों
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इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों
पर कार्रवाई की हो।
बीते महीनों में भी कई अधिकारियों को—
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लाइन क्लोज
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शो कॉज
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तबादले
का सामना करना पड़ा है।

